कर्म बन्धन से मुक्ति | Swami Mukundananda Hindi

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कर्म बंधन सबसे बड़ा बंधन है। साधारण भाषा में, किये गये कर्मो का प्रतिफल चुकाये बिना जन्म मरण के बंधन से मुक्ति न मिलना ही कर्म बंधन होता है। जो जैसा कर्म करता है उसको वैसा ही फल मिलता है । सदकर्मो का अंत सदगति और दुष्कर्मों का फल दुर्गति। इस प्रकार हमें कर्म और फल के चक्र को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए।

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